नथिनी


नथ उनकी जासूस है रखे नाक को बंद।

सूँघ न पाओ जिससे तुम उनकी कोई गंध।

उनकी कोई गंध कहाँ पर वो जाते हैं।

कौन-कौन सी खुशुबू से मिलकर आते हैं।

पहरा देती रहे नाक पर उन्हें बचाती।

इसीलिए सैंया को तुम्हारी नथिनी भाती।।