जीवन नैया


जीवन नैया सुख और दुःख की 
पतवारों से चलती है। 

  लहर खुशी की आती है कभी
गम के भँवर में फँसती है।

देते-देते बहुत अचानक 
छीन कभी हमसे लेती।

इंसा भटक नहीं जाना
इच्छायें बहुत मचलती हैं॥