सतनाम कौर

श्रीमती सतनाम कौर (मध्य में)

देतीं हैं सम्मान और पाती सबसे मान।
जैसा इनका नाम है वैसी हैं सतनाम।।
वैसी हैं सतनाम किसी का दिल न दुखातीं।
हँस कर मिलती सखियों से और गले लगातीं।।
एक बार जो मिले इन्हें फिर भुला न पाता।
मिलनसार व्यक्तित्व आपका सबको भाता।।


हँसी-ख़ुशी रहती सदा जीती हैं भरपूर।
टेंशन इनको देखकर जाती कोसों दूर।
जाती कोसों दूर हमारी विनती रब से।
सेवानिवृत जीवन इनका गुजरे हँस के।।
व्यस्त रहीं कुछ इच्छाएं गर रहीं अधूरी।
वक्त मिलेगा खूब उन्हें अब करना पूरी।।