सेवानिवृति (डॉ अशोक हंजूरा)

 डॉ अशोक  कुमार हंजूरा
एक अदद इंसान की सेवानिवृति आज।
जीवन-मूल्यों के धनी वो हंजूरा साहब।
वो हंजूरा साहब हमें हँसना सिखलाते।
पी जाते हैं दर्द नहीं बाहर छलकाते।
इच्छा-शक्ति आत्म-संयम का आप पिटारा।
जीने के इस जज्बे को प्रणाम हमारा।।

बना रहे यही हौसला आप सदा मुस्काएं।
दु:ख के पल कभी लौट के जीवन में ना आएं।
जीवन में ना आएं यही कामना हमारी।
रहे महकती खुशियों से जीवन फुलवारी।
हँसते रहना सीख आपकी हमें कहेगी।
आते रहना कमी आपकी यहाँ रहेगी।।